गर्भाशय वापस सामान्य आकार में कब आता है?HealthPlanet

Posted on Sat 4th Feb 2023 : 16:25

गर्भावस्‍था के दौरान 9 महीने तक शिशु मां के गर्भ में रहता है। 9 महीने पूरे होने पर डिलीवरी का समय आता है और बेतहाशा दर्द सहने के बाद शिशु मां के गर्भ से बाहर आता है। प्रेग्‍नेंसी से लेकर डिलीवरी तक गर्भाशय को बहुत कुछ सहना पड़ता है और इसमें कई तरह के बदलाव भी आते हैं।

प्रेग्‍नेंसी के दौरान शिशु को जगह देने के लिए गर्भाशय का आकार काफी बढ़ जाता है जो कि डिलीवरी के बाद अपने नॉर्मल साइज में आने लगता है। वहीं प्रसव के बाद गर्भाशय को भी हील करने लगता है।

प्रसव के बाद गर्भाशय के आकार और हीलिंग को लेकर महिलाओं के मन में कई तरह के सवाल रहते हैं, जिनके बारे में यहां हम आपको बताने वाले हैं। साथ ही यूट्रस यानि गर्भाशय को हील करने के देसी नुस्‍खे के बारे में भी बात करेंगे।

​कब नॉर्मल साइज में आता है यूट्रस

कई महिलाओं को लगता है कि डिलीवरी के तुरंत बाद गर्भाशय अपने नॉर्मल आकार में आ जाता है लेकिन ऐसा नहीं है। प्रेग्‍नेंसी से पहले वाले यूट्रस के साइज में लगभग 6 से 8 हफ्ते लगते हैं।

डिलीवरी के बाद खासतौर पर शुरुआती महीनों में ब्रेस्‍टफीडिंग से यूट्रस को नॉर्मल साइज में लाने में मदद मिलती है। स्‍तनपान करवाने वाली महिलाओं के स्‍तन में दूध बनता है तो एक्‍स्‍ट्रा कैलोरी भी बर्न होती है।

इसलिए इनका वजन भी स्‍तनपान न करवाने वाली महिलाओं की तुलना में ज्‍यादा तेजी से घटता है। ब्रेस्‍टफीडिंग से गर्भाशय को सिकोड़ने वाले कॉन्‍ट्रैक्‍शन पैदा होते हैं।

​गर्भाशय को कैसे हील करें

आज हम आपको एक ऐसा देसी नुस्‍खा बता रहे हैं जो डिलीवरी के बाद आपके यूट्रस को हील करने में मदद करेगा।

इसके लिए आपको चाहिए दो चम्‍मच दशमूल और दो कप पानी। इसे बनाने का निम्‍न तरीका है :

पहले दो कप पानी में दशमूल डालकर उबाल लें।
इसे आधा कप बचने तक उबालना है।
गैस बंद कर दें और पानी को छान लें।
इस मिश्रण का एक चौथाई कप सुबह और एक चौथाई कप शाम को पिएं।
बचे हुए पानी को आप फ्रिज में रख सकती हैं और पीने से पहले गर्म कर लें।
डिलीवरी के बाद 42 दिनों तक आपको इस पानी को पीना है लेकिन हर बार ताजा पानी ही बनाएं।

​क्‍या है दशमूल

दशमूल में दस जड़ी बूटियां शामिल हैं। यह एक आयुर्वेदिक मिश्रण है जिसमें बिल्‍व, अग्निमंथ, श्‍योनाक, पटल, कष्‍मारी, बृहती, कंटकारी, शलपर्णी, पृश्‍पर्णी और गोक्षुरा शामिल है। ये जड़ी बूटियां एक साथ मिलकर डिलीवरी के बाद आई शारीरिक कमजोरी को दूर करती हैं।

दशमूल एक आयुर्वेदिक मिश्रण है जो पेल्विक हिस्‍से से अत्‍यधिक वात को हटाता है। इसकी मदद से शरीर से विषाक्‍त पदार्थ आसानी से निकल जाते हैं। इसके अलावा दशमूल कब्‍ज और गैस से भी राहत दिलाती है और गर्भाशय के ऊतकों को पोषण देती है। इससे नर्वस सिस्‍टम को आराम मिलता है और मस्तिष्‍क शांत रहता है।

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